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Tuesday, 27 December 2011

शायरी

1- किसी ने हमसे पूछा कि वादों और यादो में क्या फर्क होता है? हमने बस इतना ही कहा कि `वादों को तो इंसान तोड़ देता है` पर `यादे इंसान को तोड़ देती है`!


2- कुछ तो बात है तेरी फितरत में ऐ दोस्त;
वरना तुझ को याद करने की खता हम बार-बार न करते!


3- ये वफ़ा तो उस वक्त की बात है ऐ फ़राज़;
जब मकान कच्चे और लोग सच्चे हुआ करते थे!


4- यादे अजीब होती हैं;
बता के नहीं आती और रुला कर भी नहीं जाती!


5- छोड़ ये बात कि मिले ये ज़ख़्म कहाँ से मुझ को;
`ज़िन्दगी बस तू इतना बता!` कितना सफर बाकि है! 


6- बिना लिबास आये थे इस जहां में;
बस एक कफ़न की खातिर इतना सफ़र करना पड़ा!


7- वो मुझे भूल ही गया होगा;
इतनी मुदत कोई खफा नहीं रहता! 


8- किसने भीगे हुए बालों से ये झटका पानी,
झूम के आई घटा टूट के बरसा पानी!


9- मंजिल तो मिल ही जाएगी, भटक के ही सही;
गुमराह तो वो हैं जो घर से निकले ही नहीं! 


10- कोई अच्छा लगे तो उनसे प्यार मत करना;
उनके लिए अपनी नींदे बेकार मत करना;
दो दिन तो आएँगे खुशी से मिलने;
तीसरे दिन कहेंगे इंतज़ार मत करना! 


11- मेरी आँखों में देख आ कर हसरतों के नक्श;
ख़्वाबों में भी, तेरे मिलने की फ़रियाद करते!


12- झटका कुछ इस तरह दिया सनम ने, अपनी जुल्फों को;
इकठ्ठे 7 जूएँ मेरे दामन में आ गिरे!


13- आशिक पागल हो जाते हैं प्यार में;
बाकी कसर पूरी हो जाती है इंतज़ार में;
मगर ये दिलरुबा नहीं समझती;
वो तो गोल गप्पे और पपड़ी खाती फिरती है बाज़ार में! 


14- आसमान जितना नीला है;
सूरजमुखी जितना पिला है;
पानी जितना गीला है;
आपका स्क्रू उतना ही ढीला है! 


15- ज़िन्दगी है तो ख्वाब है;
ख्वाब है तो मंजिले है;
मंजिले है तो रास्ते है;
रास्ते है तो मुश्किलें;
हिम्मत है तो, एस एम् एस करो!


16- एक दिन हमारी मुस्कान हमसे पूछ बैठी,
हमें रोज़-रोज़ क्यों बुलाते हो?
हमने कहा हम याद अपने दोस्तों को करतें हैं,
तुम उनकी यादों के साथ चले आते हो! 


17- किसी की यादों ने हमने तनहा कर दिया;
वरना हम अपने आप में किसी महफ़िल से काम न थे! 


18- कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है,
कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है,
कि क्यों कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है? 


19- मुझसे ये जुदाई का गम पिया नहीं जाता;
कोई दो गिलास व्हिस्की के ही पिला दो बर्फ डाल के!


20- उधर आप मजबूर बैठे हैं;
इधर हम खामोश बैठे है;
बात हो तो कैसे हो;
जब दोनों तरफ दो कंजूस बैठे हैं! 


21- उमीद ऐसी हो जो जीने को मजबूर करे!
राह ऐसी हो जो चलने को मजबूर करे!
महक कम न हो कभी अपनी दोस्ती की!
दोस्ती ऐसी हो जो मिलने को मजबूर करे! 


22- जब बारिश होती है, तुम याद आते हो!
जब काली घटा छाए, तुम याद आते हो!
जब भीगते हैं हम, तो तुम याद आते हो!
बताओ, तुम मेरी छतरी कब वापिस करोगे! 


23- कृष्ण ने राधा से पूछा: ऐसी एक जगह बताओ, जहाँ में नहीं हूँ?
राधा ने मुस्कुराके कहा, `बस मेरे नसीब में`! 


24- गीत की ज़रूरत महफिल में होती है!
प्यार की ज़रूरत दिल में होती है!
बिन दोस्त के अधूरी है ज़िन्दगी,
क्योंकि दोस्त की ज़रूरत पल पल होती है! 


25- चहरे पर हंसी छा जाती है!
आँखों में सुरूर आ जाता है!
जब तुम मुझे अपना कहते हो,
अपने पर गुरुर आ जाता है!


26- मैं तोड़ लेता अगर वो गुलाब होती!
मैं जवाब बनता अगर वो सवाल होती!
सब जानते हैं मैं नशा नहीं करता,
फिर भी पी लेता अगर वो शराब होती! 


27- थोड़ी सी पी शराब थोड़ी उछाल दी,
कुछ इस तरह से हमने जवानी निकाल दी! 


28- एक ही गलती हम सारी उम्र करते रहे;
धूल चेहरे पे थी;
और हम आइना साफ़ करते रहे! 


29- कितना बेबस है इंसान, किस्मत के आगे!
हर सपना टूट जाता है हकीकत के आगे!
जिसने कभी हाथ न फेलाया हो,
वो भी हाथ फेलता है `गोलगप्पे वाले` के आगे!


30- ख़ुशी से दिल को आबाद करना,
और गम को दिल से आजाद करना,
हमारी बस इतनी गुजारिश है कि हमे भी,
दिन में एक बार याद करना!


31- तेरी आँखों में हमे जाने क्या नज़र आया!
तेरी यादों का दिल पर सरुर है छाया!
अब हमने चाँद को देखना छोड़ दिया!
और तेरी तस्वीर को दिल में छुपा लिया!


32- प्यार तो ज़िन्दगी का अफसाना है!
इसका अपना ही एक तराना है!
पता है सबको मिलेंगे सिर्फ आंसू!
पर न जाने दुनिया में हर कोई क्यों इसका दीवाना है!


33- अगर तुम न होते तो ग़ज़ल कौन कहता!
तुम्हारे चहरे को कमल कौन कहता!
यह तो करिश्मा है मोहब्बत का!
वरना पत्थर को ताज महल कौन कहता!


34- आपके आने से ज़िन्दगी कितनी खूबसूरत है!
दिल में बसाई है जो वो आपकी ही सूरत है!
दूर जाना नहीं हमसे कभी भूलकर भी!
हमे हर कदम पर आपकी ज़रूरत है!


35- तुम्हारे प्यार में हम बैठें हैं चोट खाए!
जिसका हिसाब न हो सके उतने दर्द पाये!
फिर भी तेरे प्यार की कसम खाके कहता हूँ!
हमारे लब पर तुम्हारे लिये सिर्फ दुआ आये! 


36- बदलना आता नहीं हम को मौसमों की तरह,
हर एक रूप में तेरा इंतज़ार करते हैं!
न तुम समेट सकोगी जिसे कयामत तक,
कसम तुम्हारी तुम्हें इतना प्यार करते हैं! 


37- तुम्हारे नाम को होंठों पर सजाया है मैंने!
तुम्हारी रूह को अपने दिल में बसाया है मैंने!
दुनिया आपको ढूंढते ढूंढते हो जायेगी पागल!
दिल के ऐसे कोने में छुपाया है मैंने!


38- अब तो यह भी नहीं नाम तो ले लेते हैं!
दामन अश्कों से भिगो लेते हैं!
अब तेरा नाम लेके रोते भी नहीं!
सुनते हैं तेरा नाम तो रो लेते हैं! 


39- गर्दिश में सितारे होतें हैं!
सब दूर किनारे होतें हैं!
यूँ देख के यादों की लहरें!
हम बैठ किनारे रोते हैं!


40- बनके आंसूं आँख से हम बह सकते नहीं!
दिल में उनके है जगह, पर हम ही रह सकते नहीं!
दुनिया भरके हमसे शिकवे, लाख हमसे हैं गिले!
अपने दिल की बात हाये हम ही कह सकते नहीं! 


41- निकल जाते हैं तब आंसू जब उनकी याद आती है!
जमाना मुस्कुराता है मुहब्बत रूठ जाती है! 


42- प्यार की दास्तां जब भी वक्त दोहरायेगा!
हमे भी एक शख्स बहुत याद आयेगा!
जब उसके साथ बिताये लम्हें याद आयेंगे!
आँखें नम हो जायेगी, दिल आंसू बहायेगा!


43- हर वक़्त तेरे आने की आस रहती है!
हर पल तुझसे मिलने की प्यास रहती है!
सब कुछ है यहाँ बस तू नही!
इसलिए शायद ये जिंदगी उदास रहती है!


44- कोई वादा नहीं फिर भी तेरा इंतज़ार है!
जुदाई के बाद भी तुम से प्यार है!
तेरे चेहरे की उदासी बता रही है!
मुझसे मिलने के लिये तू भी बेकरार है!


45- मोहब्बत मुझे थी उसी से सनम!
यादों में उसकी यह दिल तड़पता रहा!
मौत भी मेरी चाहत को रोक न सकी!
कब्र में भी यह दिल धड़कता रहा!


46- सोचा याद न करके थोड़ा तड़पाऊं उनको!
किसी और का नाम लेकर जलाऊं उनको!
पर चोट लगेगी उनको तो दर्द मुझको ही होगा!
अब ये बताओ किस तरह सताऊं उनको! 


47- जीना चाहते हैं मगर ज़िन्दगी रास नहीं आती!
मरना चाहते हैं मगर मौत पास नहीं आती!
बहुत उदास हैं हम इस ज़िन्दगी से!
उनकी यादें भी तो तड़पाने से बाज़ नहीं आती!


48- एक दिन हमारे आंसूं हमसे पूछ बैठे!
हमे रोज़ - रोज़ क्यों बुलाते हो!
हमने कहा हम याद तो उन्हें करते हैं तुम क्यों चले आते हो!


49- जब तक तुम्हें न देखूं!
दिल को करार नहीं आता!
अगर किसी गैर के साथ देखूं!
तो फिर सहा नहीं जाता! 


50- जब कोई ख्याल दिल से टकराता है!
दिल न चाह कर भी, खामोश रह जाता है!
कोई सब कुछ कहकर, प्यार जताता है!
कोई कुछ न कहकर भी, सब बोल जाता है!

शायरी

1- तुम क्या जानो शराब कैसे पिलाई जाती है!
खोलने से पहले बोतल हिलाई जाती है!
फिर आवाज़ लगायी जाती है आ जाओ दर्दे दिलवालों!
यहाँ दर्द-ऐ-दिल की दावा पिलाई जाती है! 


2- इश्क मुहब्बत तो सब करते हैं!
गम - ऐ - जुदाई से सब डरते हैं
हम तो न इश्क करते हैं न मुहब्बत!
हम तो बस आपकी एक मुस्कुराहट पाने के लिए तरसते हैं!


3- न वो आ सके न हम कभी जा सके!
न दर्द दिल का किसी को सुना सके!
बस बैठे है यादों में उनकी!
न उन्होंने याद किया और न हम उनको भुला सके!


4- बड़ी कोशिश के बाद उन्हें भूला दिया!
उनकी यादों को दिल से मिटा दिया!
एक दिन फिर उनका पैगाम आया लिखा था मुझे भूल जाओ!
और मुझे भूला हुआ हर लम्हा याद दिला दिया! 


5- बड़ी मुश्किल में हूँ!
मैं कैसे इज़हार करू!
तुम तो खुशबु हो!
तुमको कैसे कैद करू! 


6- माना की तुम जीते हो ज़माने के लिये!
एक बार जी के तो देखो हमारे लिये!
दिल की क्या औकात आपके सामने!
हम तो जान भी दे देंगे आपको पाने के लिये! 


7- मोहब्बत में लाखों ज़ख्म खाए हमने!
अफ़सोस उन्हें हम पर ऐतबार नहीं!
मत पूछो क्या गुजरती है दिल पर!
जब वो कहते है हमें तुमसे प्यार नहीं!


8- कल फुर्सत न मिली तो क्या होगा!
इतनी मोहलत न मिली तो क्या होगा!
रोज़ कहते हो कल मिलेंगे, कल मिलेंगे!
कल मेरी आँखे न खुली तो क्या होगा! 


9- वो करीब ही न आये तो इज़हार क्या करते!
खुद बने निशाना तो शिकार क्या करते!
मर गए पर खुली रखी आँखें!
इससे ज्यादा किसी का इंतजार क्या करते!


10- जो हमारा प्यार है!
उन्हें किसी और से प्यार है!
बस हार गए हम यह जानकर!
कि जिससे उन्हें प्यार है, वो हमारा यार है!


11- यह सफ़र दोस्ती का कभी ख़त्म न होगा!
दोस्तों से प्यार कभी कम न होगा!
दूर रहकर भी जब रहेगी महक इसकी!
हमें कभी बिछड़ने का ग़म न होगा!


12- एक आप हो कितने अच्छे हो!
एक आप हो कि कितने सुंदर हो!
एक आप हो कि कितने सच्चे हो!
और एक हम है कि झूठ पर झूठ बोले जा रहे है!


13- उदास नहीं होना, क्योंकि मैं साथ हूँ!
सामने न सही पर आस-पास हूँ!
पल्को को बंद कर जब भी दिल में देखोगे!
मैं हर पल तुम्हारे साथ हूँ!


14- कभी किसी सपने को दिल से लगाया करो!
किसी के ख्वाबों में आया-जाया करो!
जब भी जी हो कि कोई तुम्हें भी मनाये!
बस हमें याद करके रूठ जाया करो!


15- मोहब्बत ऐसी थी कि उनको दिखाई न दी!
चोट दिल पर थी इसलिए दिखाई न गयी!
चाहते नहीं थे उनसे दूर होना पर!
दुरिया इतनी थी कि मिटाई न गयी!


16- दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बेठे!
यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बेठे!
वो हमे एक लम्हा न दे पाए अपने प्यार का!
और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बेठे!


17- सारी उम्र आँखों में एक सपना याद रहा!
सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा!
न जाने क्या बात थी उन मे और हम मे!
सारी महफिल भूल गए बस वही एक चेहरा याद रहा! 


18- आज यह कैसी उदासी छाई है!
तन्हाई के बादल से भीगी जुदाई है!
रोया है फिर मेरा दिल!
जाने आज किसकी याद आई है! 


19- मैंने प्यार किया बड़े होश के साथ!
मैंने प्यार किया बड़े जोश के साथ!
पर हम अब प्यार करेंगे बड़ी सोच के साथ!
क्योंकि कल उसे देखा मैंने किसी और के साथ! 


20- फूल खिलते हैं खिल कर बिखर जाते है!
फूल खिलते हैं खिल कर बिखर जाते हैं!
यादे तो दिल में रहती है दोस्त मिल कर बिछड़ जाते है! 


21- ग़म में हंसने वालो को कभी रुलाया नहीं जाता!
लहरों से पानी को हटाया नहीं जाता!
होने वाले हो जाते हैं खुद ही दिल से अपने!
किसी को कहकर अपना बनाया नहीं जाता!


22- सोचा था न करेंगे किसी से दोस्ती!
न करेंगे किसी से वादा!
पर क्या करे दोस्त मिला इतना प्यारा की करना पड़ा दोस्ती का वादा!


23- दिल का दर्द दिल तोड़ने वाले क्या जाने!
प्यार के रिवाजों को ज़माना क्या जाने!
होती है कितनी तकलीफ लड़की पटाने में!
यह घर पर बैठा लड़की का बाप क्या जाने! 


24- कुछ बदली हुई तकदीर नज़र आती है!
दूर तक यादों कि ज़ंजीर नज़र आती है!
मैं देखूं तो क्या देखूं दोस्त!
हर चेहरे पर तेरी तस्वीर नज़र आती है!


25- हमें जीने नहीं देती है यह गुजरी हुई यादें!
हम से भूली नहीं जाती है यह बीती हुई बातें!
अब कैसे कहें तुमसे हम दोस्त तेरी बातें!
हमें हर पल याद दिलाती है तेरी हर छोटी-छोटी बातें! 


26- ये याद है आपकी या यादों में आप हो?
ये ख्वाब है आपके या ख्वाबों में आप हो?
हम नहीं जानते बस इतना बता दो!
हम जान है आपकी या जान हमारी आप हो? 


27- न जाने क्यों हमें आँसू बहाना नहीं आता!
न जाने क्यों हाल-ऐ-दिल बताना नहीं आता!
क्यों सब दोस्त बिछड़ गए हमसे!
शायद हमें ही साथ निभाना नहीं आता! 


28- प्यार कमजोर दिल से किया नहीं जा सकता!
ज़हर दुश्मन से लिया नहीं जा सकता!
दिल में बसी है उल्फत जिस प्यार की!
उसके बिना जिया नहीं जा सकता! 


29- कहती है दुनिया जिसे प्यार, नशा है , खताह है!
हमने भी किया है प्यार , इसलिए हमे भी पता है!
मिलती है थोड़ी खुशियाँ ज्यादा गम!
पर इसमें ठोकर खाने का भी कुछ अलग ही मज़ा है! 


30- दूर है आपसे तो कुछ गम नहीं!
दूर रह कर भूलने वाले हम नहीं!
रोज़ मुलाक़ात न हो तो क्या हुआ!
आपकी याद आपकी मुलाक़ात से कम नहीं! 


31- तुम खफा हो गए तो कोई ख़ुशी न रहेगी!
तेरे बिना चिरागों में रोशनी न रहेगी!
क्या कहे क्या गुजरेगी दिल पर!
जिंदा तो रहेंगे पर ज़िन्दगी न रहेगी! 


32- दिल से दिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!
तुफानो में साहिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!
यूँ तो मिल जाता है हर कोई!
मगर आप जैसे दोस्त नसीब वालों को मिलते हैं! 


33- आपकी पलकों पर रह जाये कोई!
आपकी सांसो पर नाम लिख जाये कोई!
चलो वादा रहा भूल जाना हमें!
अगर हमसे अच्छा दोस्त मिल जाये कोई! 


34- मोहब्बत नहीं है कोई किताबों की बाते!
समझोगे जब रो कर कुछ काटोगे रातें!
जो चोरी हो गया तो पता चला दिल था हमारा!
करते थे हम भी कभी किताबों की बाते! 


35- दोस्ती इन्सान की ज़रुरत है!
दिलों पर दोस्ती की हुकुमत है!
आपके प्यार की वजह से जिंदा हूँ!
वरना खुदा को भी हमारी ज़रुरत है! 


36- इस से पहले कि दिलो में नफरत जागे!
आओ एक शाम मोहब्बत में बिता दी जाये!
करके कुछ मोहब्बत की बातें!
इस शाम की मस्ती बड़ा दी जाये! 


37- कशिश होनी चाहिए किसी को याद करने की!
लम्हे तो अपने आप मिल जायेंगे!
वक़्त होना चाहिए किसी को मिलने का!
बहाने तो अपने आप मिल जायेंगे! 


38- तेरे बिना जिन्दगी हम जिया नहीं करते!
धोखा किसी को हम दिया नहीं करते!
जाने कैसे तुमसे दोस्ती हो गई!
वरना दोस्ती हम किसी से किया नहीं करते! 


39- देखो मेरी आँखों में ख्बाब किसका है!
देखो मेरे दिल में तूफ़ान किसका है!
तुम कहते हो मेरे दिल के रास्ते से कोई नहीं गुज़रा!
तो फिर यह पैरों के निशान किसके हैं! 


40- हमारे आंसू पोंछ कर वो मुस्कुराते हैं!
इसी अदा से वो दिल को चुराते हैं!
हाथ उनका छू जाये हमारे चेहरे को!
इसी उम्मीद में हम खुद को रुलाते हैं! 


41- दिल तोड़ना सजा है मुहब्बत की!
दिल जोड़ना अदा है दोस्ती की!
मांगे जो कुर्बानियां वो है मुहब्बत!
और जो बिन मांगे कुर्बान हो जाये वो है दोस्ती! 


42- ज़िन्दगी से पूछिये ये क्या चाहती है!
बस एक आपकी वफ़ा चाहती है!
कितनी मासूम और नादान है ये!
खुद बेवफा है और वफ़ा चाहती है!


43- समझा दो अपनी यादों को!
वो बिना बुलाये पास आया करती है!
आप तो दूर रहकर सताते हो मगर!
वो पास आकर रुलाया करती है! 


44- न कोई सुबह है और न कोई शाम है!
हर लम्हा आपका ही नाम है!
इससे मजाक मत समझ लेना!
यह हमारी तरफ से प्यार का पैगाम है! 


45- हंसरते रह जायेगी आपके बिना अधूरी!
ज़िन्दगी न होगी आपके बिना पूरी!
अब और सही जाये न यह दूरी!
जीने के लिये आपका साथ है बहुत ज़रूरी


46- दिल टूटा तो एक आवाज आई!
चीर के देखा तो कुछ चीज निकल आई!
सोचा क्या होगा इस खली दिल में!
लहू से धो कर देखा, तो तेरी तस्वीर निकल आई! 


47- जब से तेरी चाहत अपनी ज़िन्दगी बना ली है!
हम ने उदास रहने की आदत बना ली है!
हर दिन हर रात गुजरती है तेरी याद में!
तेरी याद हमने अपनी इबादत बना ली है!


48- याद में तेरी आँहें भरता है कोई!
हर साँस के साथ तुझे याद करता है कोई!
मौत तो सचाई है आनी है!
लेकिन तेरी जुदाई में हर रोज मरता है कोई!


49- कोई न मिले तो किस्मत से गिला नहीं करते!
अक्सर लोग मिल कर भी मिला नहीं करते!
हर शाख पर बहार आती हैं ज़रूर!
पर हर शाख पर फूल खिला नहीं करते!


50- जाने क्या मुझसे ज़माना चाहता है!
मेरा दिल तोड़कर मुझे ही हसाना चाहता है!
जाने क्या बात झलकती है मेरे इस चेहरे से!
हर शख्स मुझे आज़माना चाहता है!